Bhitari Stupa पूर्वी उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। गाजीपुर जनपद के सैदपुर क्षेत्र के निकट स्थित यह स्थल प्राचीन भारतीय सभ्यता, गुप्तकालीन वैभव तथा बौद्ध संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का साक्षी माना जाता है। इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के अनुसार भीतरी केवल एक साधारण गाँव नहीं, बल्कि वह स्थान है जहाँ प्राचीन भारत की राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना की अनेक परतें आज भी मिट्टी के नीचे सुरक्षित हैं। भीतरी का उल्लेख विशेष रूप से गुप्तकाल के संदर्भ में किया जाता है। यहाँ से प्राप्त प्रसिद्ध “भीतरी स्तंभ लेख” भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहरों में गिना जाता है। यह शिलालेख गुप्तवंश के प्रतापी सम्राट स्कंदगुप्त से संबंधित है। लाल बलुआ पत्थर पर अंकित यह अभिलेख गुप्त साम्राज्य की शक्ति, प्रशासनिक क्षमता और उस समय की सामाजिक परिस्थितियों की जानकारी देता है। इतिहासकारों के अनुसार स्कंदगुप्त ने हूणों के आक्रमणों से भारत की रक्षा की थी और इस विजय का उल्लेख भी इस अभिलेख में मिलता है। इस कारण भीतरी भारतीय इतिहास के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर...
गाजीपुर के इतिहास संस्कृति और समाज पर संवाद